दीपावली के बारे में
दिवाली या दीपावली, जिसका अर्थ है "दीपों की पंक्ति", कार्तिक अमावस्या को मनाई जाती है और धनतेरस से भाई दूज तक चलने वाले पाँच दिन के उत्सव का केंद्र है। महीने की सबसे अंधेरी रात में घर, गलियाँ और मंदिर दीयों से जगमगा उठते हैं, जो याद दिलाते हैं कि प्रकाश, ज्ञान और अच्छाई अंधकार पर विजय पाते हैं।
रामायण के अनुसार, चौदह वर्ष के वनवास और रावण पर विजय के बाद भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के घर लौटने पर अयोध्या के लोगों ने दीये जलाकर उनका स्वागत किया था। बहुत से लोग समुद्र मंथन से प्रकट हुईं माँ लक्ष्मी की भी आराधना करते हैं और शाम को लक्ष्मी-गणेश पूजा करके उन्हें साफ़-सुथरे, रोशन घरों में आमंत्रित करते हैं। बंगाल और असम में यह रात काली पूजा को समर्पित है। जैनों के लिए यह भगवान महावीर के निर्वाण का दिन है, और सिख बंदी छोड़ दिवस मनाते हैं। परिवार रंगोली बनाते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, मिठाइयाँ बाँटते हैं, कई व्यापारी समुदायों में नए बही-खाते शुरू होते हैं, और लोग अपनेपन व नवीनता की भावना के साथ दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने जाते हैं।
कैसे मनाया जाता है
- घर की सफ़ाई करना और उसे रंगोली, फूलों और दीयों से सजाना
- शाम को शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश पूजा करना
- दरवाज़े, खिड़कियों, आँगन और पूजा स्थानों पर दीये जलाना
- परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों के साथ मिठाइयाँ और शुभकामनाएँ बाँटना
- बुज़ुर्गों, बच्चों, जानवरों और हवा की गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए समझदारी से त्योहार मनाना
दीपावली: पिछले और आने वाले वर्षों की तारीखें
| वर्ष | तारीख | स्थिति |
|---|---|---|
| 2024 | गुरुवार, 31 अक्टूबर 2024 | बीत गया |
| 2025 | सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 | बीत गया |
| 2026 | रविवार, 8 नवंबर 2026 | अगला |
| 2027 | शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027 | आने वाला |
| 2028 | मंगलवार, 17 अक्टूबर 2028 | आने वाला |
| 2029 | सोमवार, 5 नवंबर 2029 | आने वाला |
| 2030 | शनिवार, 26 अक्टूबर 2030 | आने वाला |
तारीखें नई दिल्ली के पंचांग से निकाली गई हैं। कुछ क्षेत्रों में त्योहार एक दिन पहले या बाद में मनाया जा सकता है।
पूरे भारत में
पूरे भारत में मनाया जाता है
एक ही त्योहार अलग-अलग राज्यों में अलग नाम और रीति से मनाया जाता है। जहाँ कोई क्षेत्र इसे अलग दिन मनाता है, वहाँ उसकी गणना की गई तारीख दी गई है।
तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश
दीपावली
दक्षिण भारत मुख्य रूप से नरक चतुर्दशी को दीपावली मनाता है, भोर से पहले तेल स्नान और नरकासुर पर कृष्ण की विजय के साथ।
तारीख: रविवार, 8 नवंबर 2026
पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा
काली पूजा
लक्ष्मी पूजन के बजाय अमावस्या की रात देवी काली को समर्पित होती है, जिनकी पंडालों और मंदिरों में मध्यरात्रि पूजा होती है।
तारीख: रविवार, 8 नवंबर 2026
ओडिशा
कौंरिया काठी, बड़ बडुआ डाका
परिवार पटसन की डंडियाँ जलाकर पूर्वजों को बुलाते हैं, कि वे आकर प्रकाश देखें और स्वर्ग लौटें।
गुजरात
दिवाली और बेसतु वरस
व्यापारी दिवाली पर नए बही-खातों का पूजन (चोपड़ा पूजन) करते हैं, और अगले दिन गुजराती नववर्ष बेसतु वरस मनाया जाता है।
तारीख: मंगलवार, 10 नवंबर 2026
पंजाब
बंदी छोड़ दिवस
सिख गुरु हरगोबिंद जी की ग्वालियर किले से रिहाई को याद करते हैं, और अमृतसर का स्वर्ण मंदिर दीपों और आतिशबाज़ी से जगमगाता है।
जैन समुदाय
दीपावली, महावीर निर्वाण
जैन भगवान महावीर के निर्वाण को प्रार्थना और दीपों के साथ मनाते हैं, और अगले दिन जैन नववर्ष शुरू होता है।
बंगाल और असम में इसे काली पूजा, सिखों द्वारा बंदी छोड़ दिवस और जैनों द्वारा महावीर निर्वाण के रूप में मनाया जाता है; दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में नरक चतुर्दशी उत्सव का मुख्य दिन है।
← सभी त्योहार