त्योहार · Festival

चैत्र नवरात्रि 2027

माँ दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित वसंत की नौ रातें, जिनसे हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है।

चैत्र नवरात्रि 2027

बुधवार, 7 अप्रैल 2027

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, सूर्योदय के समय मनाया जाता है।

प्रतिपदा शुरू
7 अप्रैल, सुबह 5:22
प्रतिपदा समाप्त
8 अप्रैल, सुबह 4:30
2028 में
सोमवार, 27 मार्च 2028

नई दिल्ली (भारतीय समय) के लिए गणना। कुछ क्षेत्रों में त्योहार एक दिन पहले या बाद में मनाया जाता है; पूजा के समय के लिए अपना स्थानीय पंचांग देखें।

चैत्र नवरात्रि के बारे में

चैत्र नवरात्रि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होकर नौ रातों तक चलती है और नवमी पर समाप्त होती है, जिसे राम नवमी के रूप में भी मनाया जाता है। वसंत में पड़ने के कारण इसे कभी-कभी वासंतिक नवरात्रि भी कहा जाता है। विक्रम संवत सहित कई परंपराओं में पहला दिन हिंदू चंद्र नववर्ष की शुरुआत भी है, जिससे इस त्योहार में नई शुरुआत का भाव जुड़ जाता है।

हर दिन माँ दुर्गा के नौ रूपों, यानी नवदुर्गा में से एक को समर्पित होता है: शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। पहले दिन बहुत से घरों में घटस्थापना की जाती है, जिसमें पवित्र कलश स्थापित किया जाता है और जौ बोए जाते हैं, जो नौ दिनों में अंकुरित होते हैं। भक्त दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं, अखंड ज्योति जलाते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार अलग-अलग तरह के व्रत रखते हैं। अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन में छोटी बच्चियों को देवी का रूप मानकर सम्मान दिया जाता है। उत्तर भारत में इस त्योहार की खास रौनक रहती है, और वैष्णो देवी समेत अन्य शक्तिपीठों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं।

कैसे मनाया जाता है

  • पहले दिन घटस्थापना करना और जौ बोना
  • नौ दिनों में हर दिन देवी के एक अलग रूप की पूजा करना
  • फल, दूध और सात्विक भोजन के साथ पूर्ण या आंशिक व्रत रखना
  • दुर्गा सप्तशती का पाठ करना या भक्ति भजन गाना
  • अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन के ज़रिए छोटी बच्चियों का सम्मान करना

चैत्र नवरात्रि: पिछले और आने वाले वर्षों की तारीखें

वर्षतारीखस्थिति
2024मंगलवार, 9 अप्रैल 2024बीत गया
2025रविवार, 30 मार्च 2025बीत गया
2026गुरुवार, 19 मार्च 2026बीत गया
2027बुधवार, 7 अप्रैल 2027अगला
2028सोमवार, 27 मार्च 2028आने वाला
2029शनिवार, 14 अप्रैल 2029आने वाला
2030बुधवार, 3 अप्रैल 2030आने वाला

तारीखें नई दिल्ली के पंचांग से निकाली गई हैं। कुछ क्षेत्रों में त्योहार एक दिन पहले या बाद में मनाया जा सकता है।

पूरे भारत में

मुख्य रूप से यहाँ मनाया जाता है: दिल्ली उत्तर प्रदेश राजस्थान पंजाब चंडीगढ़ उत्तराखंड मध्य प्रदेश बिहार गुजरात महाराष्ट्र

एक ही त्योहार अलग-अलग राज्यों में अलग नाम और रीति से मनाया जाता है। जहाँ कोई क्षेत्र इसे अलग दिन मनाता है, वहाँ उसकी गणना की गई तारीख दी गई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली

चैत्र नवरात्रि

श्रद्धालु कलश में जौ बोते हैं, नौ दिन व्रत रखकर दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं, और कन्या पूजन व राम नवमी के साथ समापन होता है।

तारीख: गुरुवार, 15 अप्रैल 2027

महाराष्ट्र, गोवा

गुढी पाडवा

नवरात्रि का पहला दिन मराठी और कोंकणी नववर्ष है, जब हर घर पर गुढी (कपड़े और कलश से सजा डंडा) खड़ी की जाती है।

तारीख: बुधवार, 7 अप्रैल 2027

कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना

उगादि

यही पहला दिन उगादि यानी नववर्ष है, जिसका स्वागत छह स्वादों वाले व्यंजन और नए वर्ष के पंचांग श्रवण से होता है।

तारीख: बुधवार, 7 अप्रैल 2027

सिंधी समुदाय

चेटी चंड

सिंधी चैत्र शुक्ल द्वितीया को झूलेलाल के जन्म को अपने नववर्ष के रूप में मनाते हैं, और नदियों व समुद्र तक शोभायात्रा निकालते हैं।

तारीख: गुरुवार, 8 अप्रैल 2027

कश्मीर

नवरेह

कश्मीरी पंडित सुबह उठते ही चावल, अखरोट, फूल और नए पंचांग से सजी थाली देखकर नववर्ष की शुरुआत करते हैं।

तारीख: बुधवार, 7 अप्रैल 2027

पश्चिम बंगाल

बासंती पूजा

कुछ बंगाली परिवार और पुराने मंदिर वसंत में बासंती पूजा के रूप में दुर्गा की आराधना करते हैं, जिसे देवी की पूजा का मूल समय माना जाता है।

किसी बीमारी से पीड़ित लोगों, गर्भवती महिलाओं और बुज़ुर्गों को व्रत से पहले डॉक्टर से सलाह लेने की सलाह दी जाती है; कई परिवार इसके बजाय एक समय भोजन या फलाहार का सरल व्रत चुनते हैं।

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स्मरण · Smaran

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