त्योहार · Festival

ओणम 2027

केरल का भव्य फसल उत्सव, जिसमें फूलों, भोज और नौका दौड़ के साथ प्रिय राजा महाबली का स्वागत होता है।

ओणम 2027

रविवार, 12 सितंबर 2027

केरल की गणना के अनुसार सिंह (चिंगम) सौर मास में श्रवण (तिरुवोणम) नक्षत्र के दिन मनाया जाता है।

2028 में
शुक्रवार, 1 सितंबर 2028

नई दिल्ली (भारतीय समय) के लिए गणना। कुछ क्षेत्रों में त्योहार एक दिन पहले या बाद में मनाया जाता है; पूजा के समय के लिए अपना स्थानीय पंचांग देखें।

ओणम के बारे में

ओणम केरल का सबसे बड़ा त्योहार है, जिसे हर समुदाय के लोग मिलकर मनाते हैं। इसका मुख्य दिन तिरुवोणम है, जो मलयालम महीने चिंगम में तिरुवोणम नक्षत्र के दिन आता है। यह त्योहार राजा महाबली की कथा से जुड़ा है, जो एक उदार राजा थे और जिनके राज में सब सुखी और बराबर माने जाते थे। जब भगवान विष्णु वामन रूप में आए और तीन पग भूमि माँगी, तो महाबली ने विनम्रता से अपना सब कुछ अर्पित कर दिया। उन्हें वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने आने का वरदान मिला, और ओणम उनके स्वागत का आनंदमय उत्सव है।

यह उत्सव लगभग दस दिनों तक चलता है, जो अत्तम से शुरू होता है। हर दिन घर के द्वार पर बने फूलों के पूक्कलम में नए फूलों के घेरे जोड़े जाते हैं, और तिरुवोणम तक यह बड़ा होता जाता है। मुख्य दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, अक्सर सुनहरी किनारी वाला कसवु, और केले के पत्ते पर कई व्यंजनों वाला शाकाहारी भोज ओणसद्या परोसा जाता है। यह मौसम नदियों में होने वाली वल्लम कली यानी सर्प नौका दौड़, त्रिशूर के पुलिकली बाघ नृत्य, महिलाओं के तिरुवातिरा नृत्य और त्रिपुणितुरा की अत्तचमयम शोभायात्रा के लिए भी जाना जाता है।

कैसे मनाया जाता है

  • अत्तम से हर दिन द्वार पर फूलों का नया पूक्कलम बनाना
  • नए कपड़े पहनना, अक्सर पारंपरिक कसवु
  • परिवार और मित्रों के साथ केले के पत्ते पर ओणसद्या खाना
  • वल्लम कली नौका दौड़ या पुलिकली देखना
  • तिरुवातिरा नृत्य, खेलों और सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लेना

ओणम: पिछले और आने वाले वर्षों की तारीखें

वर्षतारीखस्थिति
2024रविवार, 15 सितंबर 2024बीत गया
2025शुक्रवार, 5 सितंबर 2025बीत गया
2026बुधवार, 26 अगस्त 2026बीत गया
2027रविवार, 12 सितंबर 2027अगला
2028शुक्रवार, 1 सितंबर 2028आने वाला
2029बुधवार, 22 अगस्त 2029आने वाला
2030सोमवार, 9 सितंबर 2030आने वाला

तारीखें नई दिल्ली के पंचांग से निकाली गई हैं। कुछ क्षेत्रों में त्योहार एक दिन पहले या बाद में मनाया जा सकता है।

पूरे भारत में

मुख्य रूप से यहाँ मनाया जाता है: केरल

एक ही त्योहार अलग-अलग राज्यों में अलग नाम और रीति से मनाया जाता है। जहाँ कोई क्षेत्र इसे अलग दिन मनाता है, वहाँ उसकी गणना की गई तारीख दी गई है।

केरल

तिरुवोणम

परिवार राजा महाबली का स्वागत पूक्कलम (फूलों की रंगोली), नए कपड़ों (ओणक्कोडि) और केले के पत्ते पर परोसे भव्य ओणसद्या भोज से करते हैं।

केरल (तृप्पूणित्तुरा)

अत्तचमयम

ओणम का मौसम दस दिन पहले अत्तम पर झांकियों और लोक कलाओं की अत्तचमयम शोभायात्रा से शुरू होता है।

केरल (त्रिशूर)

पुलिकली

ओणम के चौथे दिन बाघ के रूप में रंगे कलाकार त्रिशूर की सड़कों पर नाचते हैं।

केरल (आरन्मुला)

आरन्मुला वल्लमकली

तिरुवोणम के बाद के दिनों में भगवान पार्थसारथी को अर्पण के रूप में पंपा नदी पर सर्प नौकाओं की दौड़ होती है।

देश भर के मलयाली समुदाय

ओणम

कन्याकुमारी, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई और दिल्ली के मलयाली परिवार पूक्कलम प्रतियोगिताओं और सामूहिक सद्या के साथ ओणम मनाते हैं।

ओणम सभी केरलवासियों का सांस्कृतिक त्योहार है, जिसे हर धर्म के लोग और दुनिया भर के मलयाली मनाते हैं।

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स्मरण · Smaran

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