त्योहार · Festival

हरियाली तीज 2027

शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का सावन का त्योहार, जिसमें झूले, गीत, मेहंदी और हरे रंग की रौनक रहती है।

हरियाली तीज 2027

बुधवार, 4 अगस्त 2027

श्रावण शुक्ल तृतीया, सूर्योदय के समय मनाया जाता है।

तृतीया शुरू
4 अगस्त, सुबह 8:21
तृतीया समाप्त
5 अगस्त, सुबह 5:10
2028 में
सोमवार, 24 जुलाई 2028

नई दिल्ली (भारतीय समय) के लिए गणना। कुछ क्षेत्रों में त्योहार एक दिन पहले या बाद में मनाया जाता है; पूजा के समय के लिए अपना स्थानीय पंचांग देखें।

हरियाली तीज के बारे में

हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है, जब बारिश से धरती हरी-भरी हो जाती है, और इसी से इसका नाम पड़ा है। यह मुख्य रूप से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और बिहार में महिलाओं का त्योहार है। यह माता पार्वती की लंबी तपस्या के बाद भगवान शिव से उनके पुनर्मिलन की याद में मनाया जाता है। बहुत सी विवाहित महिलाएँ व्रत रखकर पति और परिवार की कुशलता की प्रार्थना करती हैं, और अविवाहित लड़कियाँ अच्छे जीवनसाथी की कामना करती हैं।

इस त्योहार में मेल-जोल और उल्लास का माहौल रहता है। महिलाएँ हरे कपड़े और हरी चूड़ियाँ पहनती हैं, मेहंदी लगाती हैं, और मिलकर तीज के गीत गाते हुए पेड़ों पर डाले झूलों पर झूलती हैं। विवाहित बेटियों को अक्सर मायके से सिंधारा भेजा जाता है, जिसमें कपड़े, चूड़ियाँ, मेहंदी और घेवर जैसी मिठाइयाँ होती हैं। जयपुर में तीज माता की पारंपरिक सवारी गाजे-बाजे और लोक कलाकारों के साथ पुराने शहर से निकलती है। तीज सावन-भादों के त्योहारों के एक परिवार का हिस्सा है: इसके बाद कजरी तीज आती है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में कजरी लोकगीतों के लिए खास तौर पर प्रिय है, और भाद्रपद में हरतालिका तीज मनाई जाती है।

कैसे मनाया जाता है

  • शिव-पार्वती की पूजा करना और तीज की कथा सुनना
  • हरे कपड़े और चूड़ियाँ पहनना और मेहंदी लगाना
  • सजे हुए झूलों पर झूलना और तीज के गीत गाना
  • सिंधारा और घेवर भेजना या पाना
  • अपने स्वास्थ्य और पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत रखना

हरियाली तीज: पिछले और आने वाले वर्षों की तारीखें

वर्षतारीखस्थिति
2024बुधवार, 7 अगस्त 2024बीत गया
2025रविवार, 27 जुलाई 2025बीत गया
2026शनिवार, 15 अगस्त 2026बीत गया
2027बुधवार, 4 अगस्त 2027अगला
2028सोमवार, 24 जुलाई 2028आने वाला
2029रविवार, 12 अगस्त 2029आने वाला
2030शुक्रवार, 2 अगस्त 2030आने वाला

तारीखें नई दिल्ली के पंचांग से निकाली गई हैं। कुछ क्षेत्रों में त्योहार एक दिन पहले या बाद में मनाया जा सकता है।

पूरे भारत में

मुख्य रूप से यहाँ मनाया जाता है: राजस्थान उत्तर प्रदेश दिल्ली मध्य प्रदेश बिहार उत्तराखंड पंजाब चंडीगढ़

एक ही त्योहार अलग-अलग राज्यों में अलग नाम और रीति से मनाया जाता है। जहाँ कोई क्षेत्र इसे अलग दिन मनाता है, वहाँ उसकी गणना की गई तारीख दी गई है।

राजस्थान

हरियाली तीज, सावन तीज

हरे वस्त्रों और मेहंदी में सजी महिलाएँ झूलों पर गीत गाती हैं, और जयपुर में सिटी पैलेस से तीज माता की सवारी निकलती है।

हरियाणा

हरियाली तीज

पेड़ों पर झूले डाले जाते हैं, महिलाएँ सावन के लोकगीत गाती हैं, और बेटियों को मायके से सिंधारा भेजा जाता है।

पंजाब

तीयाँ

सावन के महीने भर महिलाएँ और लड़कियाँ तीयाँ के लिए जुटती हैं, गिद्धा नाचती हैं और बोलियाँ गाती हैं।

उत्तर प्रदेश (ब्रज)

हरियाली तीज

वृंदावन में बांके बिहारी को सोने के हिंडोले पर विराजमान किया जाता है, और मंदिरों में झूलनोत्सव होता है।

गर्भवती, बुज़ुर्ग या अस्वस्थ लोग कठिन व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

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स्मरण · Smaran

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